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गंगा यात्रा से जैविक यात्रा की ओर

उन्नाव । उप कृषि निदेशक डा0 नन्द किशोर कृषि विभाग उन्नाव द्वारा गंगा के किनारे के ग्रामों में गौ आधारित प्राकृतिक खेती, जीरो बजट खेती, जैविक खेती के सम्बन्ध में किसानों में व्यापक जागरूकता फैलाने के उद्धेश्य से प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झण्डी दिखाकर देवेन्द्र कुमार पाण्डेय जिलाधिकारी ने रवाना किया। उक्त अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि0/एंव रा0), उप कृशि निदेषक, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी(ऊ0), उपस्थित रहें। जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा के किनारे के 08 विकास खण्ड में 34 ग्राम पंचायतों के 64 राजस्व ग्रामों में कृषि विभाग द्वारा किसानों में प्रचार-प्रसार वाहन के द्वारा एवं अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा व्यापक भ्रमण करके और उन्हें ग्रामों में ही प्रषिक्षण देकर प्राकृतिक खेती, जैविक खेती करने के लिये, किसानों को प्रेरित किया जायेगा। कृशि विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश कृषि विविधिकरण योजनान्तर्गत नमामि गंगे योजना में कृषकों को जैविक खेती करने के लिये 20-20 हेक्टेयर के क्लस्टर बनाकर कृशकों को भ्रमण, सघन प्रषिक्षण और जैविक खेती हेतु वांछित अनुदान व निवेष भी उपलब्ध कराये जाएंगे।

गंगा के किनारे के ग्रामों में कुल 1600 हे0 में योजना का क्रियान्वयन करके जैविक उत्पाद से प्रमाणिकरण और उसके विपणन के लिये भी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि जीरो बजट खेती से गुणवत्तायुक्त एवं पौष्टिक उत्पाद प्राप्त होता है, जो कि पर्यावरण की दृश्टि से वायु, जल और मृदा को प्रदूशित नहीं होने देता और पषु-पक्षी और मानव के लिये स्वास्थ्यवर्द्धक होता है। उन्होंने बताया कि भारतीय परम्परा और संस्कृति में गाय और कृषि परस्पर एक-दूसरे के पूरक है। गौ आधारित प्राकृति खेती रसायन एवं पेस्टीसाइड मुक्त कृशि की वह पद्धति है जिसमे परम्परागत तरीके से प्राकृति के नियमों का अनुसरण करते हुये देसी गाय आधारित खेती के सिद्धान्त को अपनाकर खेती की जाती है।

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