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जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर किया निर्देशित

प्रयागराज। जिलाधिकारी प्रयागराज भानु चन्द्र गोस्वामी ने वरिष्ठ अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ संगम सभागार में बैठक की। उन्होंने कहा कि अगर किसी का टेस्ट पाजिटिव आता है तो उसके पूरे परिवार के सदस्यों को कोरेंटाइन में रखा जायेगा, जिससे कि इस कोरोना महामारी का प्रसार और दूसरे लोगो तक न पहुंचे। उन्होंने जिले में थाईलैण्ड से आये जमातियों के वीजा रद्दीकरण एवं अन्य जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने जिले के विभिन्न तहसीलों से भेजे गये कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट के बारे में जानकारी मांगी।
जिलाधिकारी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर जिनका कोरोना रिपोर्ट यद्यपि निगेटिव आया है, के घर के बाहर क्वारंटिन सम्बंधी नोटिस चस्पा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला मस्जिद से जितने लोग पकड़े गये है, के सम्पर्क में आने वाले परिवारों को भी क्वारंटिन में रखा जाय। उन्होंने कहा कि जिले में संेसिटिव जगहों से आने वाले लोगो को केपी कैम्पस में बने कोरेंटिन सेंटर में रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि 14 दिन की अवधि के पश्चात ही उन्हें घर भेजकर अगले चैदह दिन तक होम क्वारटाइन में रखने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि डब्लूएचओ की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि बेडसीट, पिलो कबर के झाड़ने से छोटे-छोटे कण कमरे के अंदर लगभग छः घण्टे तक मौजूद रहते है, जिससे कि अन्य व्यक्तियों के संक्रमित होने की संभावना बनी रहती है। अतः मरीजों के कमरे में बिछाये गये बेडसीट एवं पीले कवर को झाड़ने से बचे। जिलाधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों से को निर्देशित किया कि वो फील्ड में कार्य अधिक करें। कुछ अधिकारियों की शिकायत प्राप्त होेने की बात उन्होंने कहीं।
जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को निर्देशित किया कि प्रधानों के अलावा शिक्षा मित्र एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से ग्रामों के साफ-सफाई के बारे में फीड बैक प्राप्त करें। उन्होंने साफ-सफाई के विषय में उनके कोरोना वार सेंटर से किए गए आज के कार्यों के बारे में भी जानकारी मांगी।जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों जिसके अंतर्गत जिले से प्रतिदिन 25 लोगो का टेस्ट किया जाना है, के बारे में रणनीति बनाने हेतु सीएमओ को निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि जिनके कम से कम दो सिम्टम्स पाये जाये, उनका कोरोना जांच किया जाय। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से कहां कि गम्भीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों के प्राइवेट एम्बुलेंस को भी आने-जाने हेतु व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे उनके आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न आये। इस महामारी के साथ-साथ ही अन्य गम्भीर रोगों का ईलाज होना बेहद जरूरी है।

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