October 7, 2022

मुख्यमंत्री का मथुरा में सन्तों के लिए सम्बोधन

मथुरा। बृज तीर्थ विकास परिषद का अन्नपूर्णा भवन की स्थापना के लिए धन्यवाद दिया। कहाकि दुनिया की सभ्यताओ की बात करें तो किसी का 1400 वर्ष का,किसी का 1800 वर्ष का इतिहास मिलता है,वो उसी पर ही गर्व करते हैं,जबकि हमारी सभ्यता तो पौराणिक और सनातन है…भगवान श्रीकृष्ण का पावन जन्मोत्सव है,उनका आगमन आज से 5 हजार वर्ष पहले हुआ था,यहीं वृंदावन में उनकी लीलाएं हुई,यहां लेकर गुजरात अरुणाचल तक के भूभाग पर उनकी लीलाएं हुई । दुनिया की सभ्यताएं 2 हजार,1400 वर्ष की हैं,जबकि हमारी सभ्यता 5000 वर्षों से ज्यादा पुरानी है..।
मूलमंत्र को सार्थक करने के लिए आज अन्नपूर्णा भोजनालय की शुरुआत हो रही है आज बलिया बलिदान दिवस है,आज के ही दिन बलिया जेल के फाटक को तोड़कर क्रांतिकारी विभूतियों ने खुद को 1942 में ही स्वतंत्र घोषित कर दिया था आजादी के क्रांतिकारी श्रीकृष्ण जी से ही प्रभावित थे,परित्राणाय साधूनां, विनाशाय च दृष्कृतं के मंत्र को लेकर चलते थे। भारत की आध्यात्मिक सांस्कृतिक विरासत आज प्रधानमंत्री द्वारा पूरे विश्व पटल पर प्रस्तुत की गई,योग दिवस,कुंभ की छटा विश्वपटल पर पहुंच गई है। कोरोना महामारी के ही बीच पिछली बार हमने वैष्णव कुंभ का आयोजन किया,कोरोना पर हमने नियंत्रण कर लिया । उत्तरप्रदेश नई दिशा की ओर बढ़ रहा है,अभी सावन के महीने में ही काशी में एक करोड़ श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ जी के दर्शन किये। अयोध्या,वृंदावन,बृज क्षेत्र जितने भी आध्यात्मिक सांस्कृतिक केंद्र हैं,उनका विकास करने के लिए सरकार पूरी तन्मयता से जुटी हुई । इस बृज क्षेत्र में इस कार्यक्रम और अन्नपूर्णा भोजनालय के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूँ। संतो के बीच उपस्थिति को लेकर मैं प्रसन्न हूँ, वहीं मुख्यमंत्री ने सबको शुभकामनाएं दी।