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रेलवे चाइल्ड लाइन ने मूक बधिर बच्चे को माँ से मिलवाया

माँ के डाटने पर घर से भागा बच्चा कानपुर से गोरखपुर स्टेशन पहुँचा—

गोरखपुर। रेलवे चाइल्ड लाइन के कड़ी मसक्कत के बाद घर से नाराज होकर भागे मूक बधिर बच्चे को माँ से मिलवाया। बच्चे का नाम देवेंद्र प्रताप उम्र 12 वर्ष जो न बोल पाता है, न सुन पाता है। 5 सितम्बर 2020 को प्रातः काल माँ के डाटने पर कानपुर स्थित घर से भागा, जो रात्रि 11 बजे गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर आर.पी.एफ टीम के स्कॉट को निरीक्षण के दौरान मिला। आर.पी.एफ द्वारा बच्चे को रेलवे चाइल्ड लाइन को सुपर्द किया।
रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम जब बच्चे से पूछताछ करती है तो बच्चा कुछ बोल नही पाता है। रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम यह समझ जाती है की बच्चा बोल नही सकता। टीम सदस्यों के कड़ी मसक्कत के बाद बच्चा अपने मूक बधिर स्कूल का नाम ज्योति मूक बधिर विद्यालय लिख कर बताता है। रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम बच्चे के बताए स्कूल को गूगल पर सर्च करती है तो प्रदेश के कई जिलों में इस नाम के विद्यालय आते है। सभी विद्यालय में फोन कर बच्चे के संदर्भ में पूछ ताछ की जाती है। काफी संघर्ष के बाद कानपुर के मूक बधिर स्कूल द्वारा बच्चे की पहचान की जाती है। टीम सदस्य स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चे के अभिभावक की जानकारी प्राप्त की। बच्चे के माँ बाप को बच्चे की सूचना पाकर माँ रोते हुए रेलवे चाइल्ड लाइन कार्यालय गोरखपुर पहुंचे। जहां अपने लाल को देखते माँ बच्चे से लिपट गई। रेलवे चाइल्ड लाइन का आभार प्रकट किया।

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