कौशाम्बी

ब्लाक कार्यालय में जल संरक्षण व स्वच्छता पर दिलायी गयी शपथ

कौशांबी। जल संरक्षण अभियान व स्तम्भ लेख के लिए जनपद मे जल बचाओ व पर्यावरण संरक्षण के सामाजिक कार्यकर्ता रणविजय निषाद व बीडीओ सिराथू श्वेता सिंह के संयुक्त प्रयास से आज 28 जून को सिराथू खण्ड विकास कार्यालय में जल संरक्षण व स्वच्छता पर जागरूक अभिप्रेरित किया व शपथ दिलायी गयी।
जागरुकता बैठक में गंगा नदी में किसी प्रकार के बाह्य प्रदूषणकारी वस्तुओं में फूल,पालीथीन, कचरा,रसायन, पाउच पन्नी, सैम्पू, दातून दण्डी, साबुन-कवर, सिक्के डालने व इससे होने वाले घातक परिणामों को बताया गया ।
लोक मान्यतानुसार आर्वाचीन काल में ताँबे के सिक्कों को नदी, जल में प्रवाह-प्रथा थी जो, जल को शुद्ध करते थे । मान्यतानुसार विष्णु नदी स्वर्ग से उतरकर देवाधिदेव महादेव की हिमाच्छादित पर्वत श्रृंखला रूपी जटाओं में समाकर, धरा पर अवतरित होने के पश्चात निकलने वाली दो मुख्य जलधारा को अलकनंदा तथा भागीरथी के नाम से जाना जाता है। भागीरथी और अलकनंदा का संगम देवप्रयाग में होता है इनके मिले जुले जल प्रवाह को गंगा कहते हैं। कई प्रकार के खनिजों को अपने अन्तस में समाये गंगा हिम पर्वत से उतरकर अमृत तुल्य हो जाती हैं। लेकिन मानव की अतिवादी प्रवृत्ति तथा अतिशय जल दोहन ने माँ गंगा की अविराम तरलता के साथ मुस्कुराहट छीन लिया। परिणामतः गंगा धीरे-धीरे बीमार होने लगीं इनकी जीवटता के लिए हम सब आज पूरे मनोयोग के साथ गंगा नदी के जल को प्रदूषण से बचाने का संकल्प लेते हैं ।
जल बचाओ-जीवन बचाओ के इस महा अभियान में खण्ड विकास अधिकारी श्वेता सिंह ने जल संरक्षण पर बल देते हुए ड्रिप या स्प्रिंकलर विधि से सिंचाई को बढ़ावा देने पर बल दिया। खेत का पानी खेत में रोक कर भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जल है तो कल है, की आवाज को बुलन्द किया। कार्यक्रम में अमर सिंह, दुर्गेश, पवन, शिवचन्द्र, अनूप, ध्यान सिंह, नीरज सहित शतकाधिक लोग उपस्थित रहे।

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