हमीरपुर

तीन शिक्षकों के सहारे चल रहा मॉडल विद्यालय

अजय प्रजापति ब्यूरो

हमीरपुर । जनपद के सुमेरपुर कस्बे में संचालित राजकीय महाविद्यालय में असुविधाओं का बोलबाला है। एक तरफ नगर के लिए गौरव की बात है कि नगर के छात्रों के लिए मॉडल विद्यालय की व्यवस्था सरकार ने की और छात्रों ने प्रवेश लेना भी शुरू कर दिया था लेकिन अभी तक सड़कों से लेकर पीने के पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी।

विद्यालय में पीने के पानी और मार्ग की बड़ी समस्या

आपको बता दें कि हमीरपुर जनपद के सुमेरपुर की जनता के मॉडल विद्यालय को लेकर लाखों प्रयास के बाद सरकार द्वारा मॉडल विद्यालय की नींव डाली गई और विद्यालय भवन निर्माण न होने के कारण प्रथम वर्ष की कक्षाएं राजकीय महाविद्यालय कुछेछा में संचालित करवानी पड़ी लेकिन एक वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी भवन निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। हलांकि मॉडल विद्यालय में छात्रों के बैठने की सुविधा तो हो गई लेकिन छात्र छात्राओं के लिए पीने योग्य पानी एवं शौचालय की व्यवस्था अभी तक नही हो सकी है। मौके पर मौजूद छात्र विनय कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि विद्यालय में अनेक समस्याओं का बोलबाला है। मुख्य समस्या आवागमन की है जो दो वर्षों से अभी तक नही बन सकी, जिसके कारण मॉडल विद्यालय में प्रवेश भी कम हो रहे हैं।उनका कहना है कि विद्यालय की लिस्ट में आये हुए छात्रों के नाम देखने और प्रवेश लेने आये छात्र सड़कों को देख कर वापस लौट जाते हैं क्योंकि विद्यालय की कोई सड़क ही नही बनी है । बताया कि अभी जिस सड़क का इस्तेमाल कर रहे हैं वह सूखा पड़ा नाला है जो बारिश होने के बाद भर जाता हैं और आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता है। जिसके चलते छात्र प्रवेश भी नही ले रहे हैं जब हमारे संवाददाता ने विद्यालय के अध्यापक डॉ. ब्रजेन्द्र कुमार सिंह से बात की तो बताया कि सुमेरपुर का यह महाविद्यालय मॉडल विद्यालय के नाम से जाना जाता है। साथ ही बताया कि इस मॉडल विद्यालय में मात्र तीन शिक्षकों की नियुक्ति की गई है जिसमे राजनीति के डॉ. ब्रजेन्द्र कुमार सिंह, भौतिक विज्ञान के डॉ. रावेन्द्र सिंह और गणित के डॉ.केके श्रीवास्तव की नियुक्ति हुई है। अभी विद्यालय में अध्यापकों सहित बाबुओं की भी कमी देखी जा सकती हैं।बताया कि इस विद्यालय में तीन कक्षाएं संचालित होती है बीए-30 बच्चे, बीएससी-16 बच्चे एवं बीकॉम में 2-4 बच्चों के एडमिशन हुए हैं। जिसमे बच्चों के बैठने के लिए व्यवस्था पर्याप्त है लेकिन पीने योग्य पानी की बहुत ही ज्यादा समस्या है। मुख्य समस्या सड़कों की है। बरसात के समय छात्रों का विद्यालय आना बन्द हो सकता है क्यों की अभी जिस मार्ग से बच्चे आते हैं वह नाला है जो कडोरन नाले के नाम से जाना जाता है बारिश में पानी आने पर विद्यालय आने वाला मार्ग बन्द हो जायेगा।
इस संबंध में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश को भी अवगत कराया गया है लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जिसका खामियाजा छात्र छात्रओं को भुगतना पड़ रहा है।

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