.

इस दीपावली पर्व में संकल्प लें….

घरों को रोशन करने में मिट्टी के दियों का उपयोग करें

उन्नाव। प्रकाश के पर्व दीपावली पर एक रात में ही लाखों-करोड़ों रुपये पटाखों के नाम पर धुएं में फूंक दिए जाते हैं। इस दिन सभी अपने-अपने घरों को अपने अंदाज में सजाते हैं तो पटाखों पर सबसे ज्यादा खर्च करते हैं। ऐसे में कुछ घर ऐसे भी होते हैं जो आर्थिक तौर पर कमजोर होने की वजह से दीपावली के दिन भी मायूस रहते हैं। हमको अपनी जरूरतें यानि पटाखे के खर्च को बचाकर उन परिवारों को तोहफा देना चाहिए ताकि उनकी भी दीवाली मन सके। गरीबों के घर दीवाली मनेगी तो यह हमारा सबसे बड़ा तोहफा होगा।
इस दीवाली से पहले से ही हमको यह संकल्प लेना चाहिए कि पटाखे छोड़ने के बजाए उन पैसों से वह उन घरों में दीवाली मनवाएंगे, जहां रोशनी की एक किरन के लिए भी वह परिवार वंचित रहते हैं।

हमको अपनी जरूरतें यानि पटाखे के खर्च को बचाकर उन गरीब परिवारों को तोहफा देना चाहिए ताकि उनकी भी दीवाली मन सके। गरीबों के घर दीवाली मनेगी तो यह हमारा सबसे बड़ा तोहफा होगा।


शहर के ललऊखेड़ा निवासी और उन्नाव प्रजापति महासभा के उपाध्यक्ष कन्हैयालाल प्रजापति ने बताया कि दीपावली का पर्व सबसे महत्वपूर्ण पर्व मनाया जाता है। इस दिन घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। वहीं पर कुछ लोग घरों को सजाने के लिये चाइनीज झालरों का प्रयोग करते है। उन्होंने कहा इस दीपावली में मिट्टी के दियों का प्रयोग कर घर को रोशन करें। मिट्टी के दियों से पर्यावरण शुद्ध होता है और दियों की रोशनी से कीट पंतगे नष्ट होते हैं। उन्होंने यह बताया कि इस पर्व पर पटाखे फोड़ने की परंपरा अभी भी कायम है। हर साल जिले में लाखों रुपये के पटाखे जला देते हंै। यह हमारी सेहत के लिये हानिकारक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *