हमीरपुर

जिलाधिकारी ने पशु आश्रय का किया औचक निरीक्षण

हमीरपुर। जनपद में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने विकास खंड कुरारा की ग्राम पंचायत गिमुहा डांडा व शीतलपुर स्थित अन्ना, गोवंशीय पशु आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया गया। पशु आश्रय स्थल गिमुहा डांडा में पशुओं का समुचित ढंग से प्रबंधन न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की तथा पशु आश्रय स्थलों में भूसा इत्यादि की उपलब्धता तथा अन्य अनेक अनियमितताएं पाए जाने देने पर जिलाधिकारी ने ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारी , उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी व चैकीदार तथा अन्य संबंधित को कड़ी फटकार लगाते हुए ब्लाक पशु चिकित्साधिकारी डॉ अमिताभ सचान से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त न होने की स्थिति में कड़ी  कार्यवाही  के निर्देश दिए।

उन्होंने अन्ना, गोवंशीय  पशुओं के  समुचित प्रबंधन न पाए जाने पर  ग्राम पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा जिन गायों को सुपुर्दगी में दिया गया है उसका संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाए । पशुओं के भूसे,चारा पानी के प्रबंधन में तथा पशुओं से इकट्ठा होने वाले गोबर इत्यादि का क्या उपयोग किया गया? उसके विक्रय हेतु क्या कार्रवाई की गई ? इनसे संबंधित किये जाने वाले आय व्यय का एसडीएम द्वारा सर्वे,जाँच कर का प्रभावी कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने पंप हाउस, तार बाड़ी फिनिशिंग,रखरखाव रजिस्टर आदि का भी अवलोकन किया। पानी के टैंक से ओवरफ्लो हो रहे पानी को देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की तथा सही से रखरखाव के निर्देश दिए ।

उन्होंने कहा कि गोवंशीय/ अन्ना पशुओं का प्रबंधन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बिंदु में शामिल है इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।     इस अवसर पर जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत शीतलपुर में बनी नवनिर्मित अस्थाई गौशाला का भी निरीक्षण किया गया ।वहां चारे ,पानी आदि का भी जायजा लिया। ग्रामपंचायत शीतलपुर में बनी अस्थाई गौशाला में वर्तमान में कोई अन्ना जानवर संरक्षित  नहीं पाया गया है किंतु पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा  बताया गया कि ढाई माह पूर्व पशु आश्रय स्थल पर 69 अन्ना पशुओं का संरक्षण किया जा रहा था किंतु अब उनमें से 40 जानवरों को ग्रामीणों को सुपुर्द कर दिया गया । शेष 29 जानवरों की कोई सूचना न दे पाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा शेष जानवरों के संरक्षण के संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त करने व चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सूचना अधिकारी रूपेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।

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