प्रयागराज

दहेज का विरोध करने वाली बेटियों का यूनिवर्सिटी में होना चाहिए सम्मान-राज्यपाल

प्रयागराज। राज्यपाल, श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय के 14वें चतुर्दश दीक्षान्त समारोह में सम्मिलित होकर मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान करते हुए छात्रों को बधाई दी व उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। समारोह का दीप प्रज्जवलित कर राज्यपाल के कर-कमलों द्वारा किया गया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यमंत्री उच्च शिक्षा श्रीमती नीलिमा कटियार, मुख्य अतिथि के रूप में पद्यमश्री सम्मान से पुरस्कृत डाॅ0 अशोक भगत जी, सारस्वत अतिथि डाॅ0 आशीष गौतम, विश्वविद्यालय के कुलपित- प्रो0 कामेश्वर नाथ सिंह सहित विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकगण मौजूद रहे।राज्यपाल ने समारोह में दीक्षान्त पुस्तिका का विमोचन भी किया। साथ ही डाॅ0 आशीष गौतम को मानद उपाधि प्रदान किया।राज्यपाल ने कहा कि प्रयागराज की धरती अनेक राष्ट्रीय परिवर्तनों की साक्षी रही है। स्वतंत्रता सेनानी राजर्षि टंडन के नाम से 20 वर्ष पहले स्थापित यह विश्वविद्यालय अब वट वृक्ष बन चुका है।  उन्होंने हर यूनिवर्सिटी से पांच पांच गांव को गोद लेने की अपील की, प्रदेश के सभी डिग्री कॉलेजों से भी एक एक गांव गोद लेने की अपील की।

इस बैठक में जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी, मुख्य चिकित्साधिकारी जी0एस0 वाजपेयी व लायंस क्लब एवं अन्य समाजसेवी संस्थाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। राज्यपाल ने कहा कि विश्व के देशों ने क्षय से मुक्ति का लक्ष्य 2030 तक रखा है। प्रधानमंत्री ने भारत को 2025 तक क्षय रोग से मुक्त करना है। उन्होंने टी0बी0 ग्रस्त बच्चों को गोद लेने के लिए कहा। इस बैठक में जिन्होंने बच्चों को गोद लिया हुआ था उनका आभार व्यक्त करते हुए प्रतिकात्मक रूप से पांच लोगो को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि भारत को क्षय मुक्त बनाने के लिए हमें एक से अधिक बच्चों को गोद लेने का प्रयास करना चाहिए और उनकी हर सम्भव सहायता करनी चाहिए, जिससे वे जल्द से जल्द इस बीमारी से ठीक हो सके। 

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