प्रयागराज

इलाहाबाद विश्वविद्यालय का नाम न बदलने के लिए राष्ट्रपति को भेजा गया पत्र

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्व विद्यालय का नाम बदलकर प्रयागराज विश्व विद्यालय किए जाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा मांगे गए प्रस्ताव को वापस लेने और इस कार्रवाई को यहीं खत्म कर देने की मांग करते हुए सपा के वरिष्ठ नेता और विधानपरिषद सदस्य बासुदेव यादव ने आज महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है।
सपा एमएलसी बासुदेव यादव ने महामहिम को लिखे पत्र में स्मरण कराया है कि वर्ष 1887 में स्थापित भारत के प्राचीन विश्व विद्यालयों बम्बई, मद्रास, कलकत्ता के साथ ही इलाहाबाद विश्व विद्यालय की स्थापना हुई थी। लब्ध प्रतिष्ठित नेता, सहित्‍यकार, समाजसेवी, वैग्यानिक,न्यायाधीश देने वाले इस विश्व विद्यालय की गरिमा पूरे विश्व में है। यादव ने अवगत कराया है कि दो दिन पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा विश्व विद्यालय का नाम बदलने सम्बधी प्रस्ताव मांगा गया है। मंत्रालय के इस आदेश को लेकर यहां के छात्रों,बुद्धिजीवियों, व्यापारियों, सहित स्थानीय लोगों की भावनाओं को जबर्दस्त ठेस पहुंची है। विश्व विद्यालय का पुरा छात्र होने के नाते मुझे स्वयं सहित स्थानीय लोंगो में क्षोभ एवं आक्रोश है। यादव ने यह भी कहा है कि मद्रास, कलकत्ता, बम्बई जैसे शहरों के नाम बदलने के बाद भी विश्व विद्यालय के नाम नहीं बदले गए हैं।

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