स्वास्थ्य

लॉक डाउन के दौरान अगर आप हो रहे है डिप्रेशन के शिकार तो……

आज देश और दुनिया में उत्पन्न कॅरोना महामारी की भयानक स्थिति ने सरकार को लॉक डाउन करने में मजबूर दिया है । जिससे आज जनता अपने ही घरों में पिछले 40 दिनों से कैद हैं। इस स्थित से जहाँ लोगों में एक तरफ उनकी क्रियाशीलता में कमी ला दिया है, वहीं दूसरी तरफ लोगांे के जीवन में आनंद की कमी आ गयी है । लगातार घरों में बंद होने के कारण लोगों का समय नहीं काट पा रहा है। दिन भर लोग टीवी, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया पर एक ही टेली कास्ट होते रहने पर डिप्रेशन के शिकार होने पर मदद करती है ं। डिप्रेशन ब्यक्ति के उस मानसिक स्थिति से होता है जिसमे व्यक्ति के मस्तिष्क में स्तिति रसायन के स्तर (मुख्य रूप से सेरोटोनिन एवं एपिनेफ्रीन में कमी जोन पर ) जो बदलाव से होता है जो सीधे रुप से व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित करता है ।
लक्षण-नकारात्मक सोंच, उदास रहना, अकेलापन महसूस होना ,नींद की कमी , चिड़चिड़ापन, थकान, वजन का घटना व बढ़ना, अधिकतर समय अकेला व्यतीत करना एवम आत्महत्या का विचार आना इत्यादि । अगर इनमें से कुछ लक्षण लगातार एक सप्ताह तक रहता है तो समझिए कि आप डिप्रेशन के शिकार हो चुके है ।
बचाव-आपको अपने दिनचर्या एवं खान पान का विशेषध्यान रखना होगा।
सुबह जल्दी उठे( हो सके तो सूर्य निकलने से पहले ) व्यायाम करें, योग अभ्यास करें, नाश्ता एवं खाने में हरी सब्जियों का सेवन करे। जीवन में उम्मीद बनाये रखे और खुद को हमेशा अभिप्रेरित करते रहे । इसके लिए आप सफल व्यक्तियों का ऑटोबयग्राफी एवं कहानी और किताबों को पढ़े । दिनभर आप अपने आपको किसी ने किसी चीज में व्यस्त रखे । परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय व्यतीत करें। घर में बागवानी करंे। फूलपत्ती व पेड़ लगाए और उसमें समय व्यतीत करें ।
रात में हल्का खाना खाएं और 11 बजे से पहले सो जाय। प्रत्येक दिन अपनी दिनचर्या में आवश्यकता के अनुसार थोड़ा परिवर्तन करते रहे ।
राहुल कुमार प्रजापति काउंसलर

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