वाराणसी

साल का पहला सूर्य ग्रहण लायेगा चूड़ामणि योग

वाराणसी। 21 जून को पड़ने वाला ग्रहण साल का पहला सूर्य ग्रहण है। यह सूर्य ग्रहण कई मायनों में खास है। ज्योतिषाचार्यों और वैज्ञानिकों के अनुसार यह ग्रहण आषाढ़ कृष्णपक्ष की अमावस्या, 21 जून को वलयाकार यानी फायर रिंग के रूप में दिखेगा। कुछ विद्वान इसे चूड़ामणि योग भी कहते हैं। इसमें स्नान-दान आदि का कोटिगुणित फल कहा गया है। काशी में इस ग्रहण का स्पर्श 10.31 बजे, मध्य दिन 12.17 बजे और मोक्ष दोपहर 2.04 बजे होगा। सम्पूर्ण ग्रहणकाल 3 घंटा 33 मिनट का होगा। सूर्यग्रहण में 12 घंटे पूर्व ही सूतक लग जाता है। ऐसे में 21 जून से पहले 20 जून की रात के 10 बजकर 13 मिनट से सूतक शुरू हो जाएगा और ग्रहण की समाप्ति पर खत्म होगा। ग्रहण के दौरान खाद्य, पेय पदार्थों में तिल, कुश, तुलसीदल छोड़ देने से उसपर ग्रहण का प्रभाव नहीं होता। ग्रहणकाल में मल-मूत्र त्याग नहीं करना चाहिए। सूतक काल में मन्दिर बन्द हो जाते हैं।

क्या होता है सूर्य ग्रहण में-

जब चंद्रमा, पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी के निकट होता है, जिसे हम एपोजी कहते हैं, उसका आकार सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता और उसका बाहरी हिस्सा दृश्यहमान रह जाता है जो एक छल्लेर की आकृति सा प्रतीत होता है। इसे रिंग ऑफ फायर भी बुलाते हैं।

सूर्यग्रहण में अवश्य करें ये कार्य-

21 जून को होने वाले सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य से संबंधित मंत्रों का जाप करें।

ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे घर में गंगाजल डालकर शुद्धि करना चाहिए।

मान्यता है कि ग्रहण खत्म होने पर मंदिर में पूजा कर दान अवश्य करना चाहिए और गाय को रोटी खिलाने से अच्छा फल प्राप्त होता है।

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