वाराणसी

फ्रन्ट लाईन वर्करों व आमजनों को गिलोय का तने और पौधा बांटे गए

वाराणसी। प्रबोधिनी फाउंडेशन के महासचिव विनय शंकर राय ‘मुन्ना’ के नेतृत्व में सुबह 8 बजे से 11 बजे तक राजातालाब तहसील के प्रांगण एवं मेहंदीगंज गाँव में गिलोय के तने एवं पौधों का एकत्रीकरण का अभियान चलाकर सैकड़ों किलो गिलोय का तना एवं पौधा एकत्र किया गया।
जन्सा थाना प्रभारी आशीष सिंह भदोरिया को गिलोय एवं मास्क निःशुल्क वितरित करके जन्सा थाने के प्रांगण मे गिलोय के पौधों को लगाने का निवेदन किया गया जिसपर जन्सा थानाध्यक्ष ने भरोसा दिये कि नीम के पेड़ों पर गिलोय के पौधों को निश्चित लगवायेगें। उसके बाद कुण्डरिया, जन्सा, सजोई, हरसोस एवं परमपुर गांव में अभियान के तहत सैकड़ों लोगों को गिलोय का तना काढ़ा बनाकर के सेवन करने के लिए तथा गिलोय के पौधे को लगाने के लिए दिया गया।
विनय शंकर राय ने लोगों को जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस से रक्षा हेतु गिलोय के तने की उपयोगिता सबसे ज्यादा कारगर है, भारत वर्ष को वरदान के रूप में गिलोय मिला है। जिसका प्रयोग वैदिक काल से ही होता चला आ रहा है, गिलोय को आयुर्वेद में अमृता कहा गया है ।
बताया कि गिलोय एक ऐसी औषधि है जो कफ, पित्त एवं वात (तीनों ) जनित रोगों के उपचार में प्रयुक्त होती है, इसके सेवन से डेंगू जैसा बुखार भी ठीक होता है प्लेटलेट्स नियंत्रण में भी सहायक होता है। गिलोय ब्लड, डायबिटीज, टी बी ,पीलिया ,मूत्र रोग गठिया ,फाइलेरिया, कुष्ठ चर्म रोग, ब्लड प्रेशर , कैंसर जैसी असाध्य बीमारियों सहित अनेकांे रोगों के इलाज का करगर इलाज गिलोय औषधि के सेवन से होता है। इसलिये हम सबका नैतिक कर्तव्य है कि समाज और देश को निरोग रखने हेतु गिलोय के उपयोगिता हेतु समाज मंे जागरूकता अभियान चलाये , समाज को निरोग बनाना है तो हमें गिलोय की उपयोगिता के प्रति गंभीरता से पहल करनी होगी।
अभियान में प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य योगीराज पटेल, भागवत सिंह, प्रदीप ,गणेश शर्मा शामिल थे।

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