प्रयागराज

राज्यपाल ने तृतीय दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ किया

प्रयागराज। राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल शुक्रवार को राजेन्द्र सिंह(रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय में आयोजित तृतीय दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करते हुये सर्वप्रथम नवनिर्मित प्रशासनीक भवन का उद्घाटन किया एवं दीपप्रज्ज्वलन कर दीक्षांत समारोह कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
राज्यपाल ने सुमंगलम सेवा न्यास चाड़ी नैनी प्रयागराज के बच्चों को ज्ञाववर्धक, चित्रकारी, कहानी की पुस्तके, रंग, फल, स्कूल बैग का वितरण किया, साथ ही दीक्षांत समारोह के शोभायात्रा में शामिल बच्चों को भी फल व बैग का वितरण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि यह अत्यन्त हर्ष और सम्मान का विषय है कि गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर स्थित प्रयागराज में स्थित युगपुरूष प्रो0 राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) के नाम से स्थापित विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षान्त समारोह में आप सभी के बीच आकर मुझे अपार प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। दीक्षान्त समारोह में उपाधि एवं पदक प्राप्त सभी विद्यार्थियों को मैं हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई देती हूँ। शिक्षा की पूर्णता के पश्चात् उसका व्यवहारिक संकल्प ही दीक्षान्त कहलाता है। कोई भी शिक्षत छात्र दीक्षित होकर ही समाज के लिये उपयोगी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान वहां के गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन और उच्च स्तरीय शोध से होता है। इसके लिये शिक्षकों और विद्यार्थियों में पूर्ण समर्पण, अनुशासन और दृढ़ संकल्प अपरिहार्य है। शिक्षकों की क्षमता, दक्षता एवं कुशलता में उन्नयन के लिए विश्वविद्यालय में आई0क्यू0ए0सी0 की स्थापना भी कर दी गई है।
मंत्री कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री भारत सरकार डाॅ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि दीक्षांत समारोह मात्र एक औपचारिकता नहीं है, जिसमें उपाधियों को वितरण किया जाता है, मेरे विचार से यह समारोह किसी भी विश्वविद्यालय के कार्य तिथियों में अपना अन्यतम स्थान रखता है।
उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश डाॅ0 दिनेश शर्मा ने अपने सम्बोधन में दीक्षांत समारोह में उपाधि पायें छात्रों को शुभकामनाएं दी। पदक सूची में बेटियों की संख्या बेटो से अधिक होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है।प्रो0 राजेन्द्र सिंह(रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय के कुलपित प्रो0 कामेश्वर नाथ सिंह ने कुलाधिपति राज्यपाल, केन्द्रीय मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री का स्वागत एवं आभार प्रकट करते हुए अपने सम्बोधन में कहा कि यह विश्वविद्यालय स्थापना काल से अद्यतन भारतीय गति मान्यता ‘‘चरैवति-चरैवति’’ का अनुपालन करते हुए अपने बहुमुखी विकास के पथ पर अग्रसर है। विश्विद्यालय ने ई-पाठशाला नामक वेबपोर्टल विश्विद्यालय की वेबसाइट पर जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि उपाधि प्राप्त छात्र-छात्राओं को मेरी शुभकामनाएं और विद्यार्थियों से उम्मीद करता हूं कि सामाजिक जीवन के विविध क्षेंत्रों में काम करते हुए चरित्र की शुद्धता को बनायें रखेंगे।

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