गोरखपुर

कोविड के लक्षण हैं तो दवा दें और यात्रा करने से रोकें-अपर मुख्य सचिव

गोरखपुर। अगर किसी में कोविड के सभी लक्षण नजर आ रहे हैं तो उसकी जांच तो करवाई ही जाएगी, साथ में दवा भी दी जाएगी। इसके साथ ही उसे एक राज्य से दूसरे राज्य में न घूमने का परामर्श भी दिया जाना है। लक्षण के साथ अगर एंटीजन जांच रिपोर्ट निगेटिव है तब भी दवा दी जाएगी और आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी। आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आने तक लक्षणयुक्त मरीज को होम आइसोलेशन में रहने के लिए प्रेरित करना है। यह दिशा-निर्देश अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेज कर दिया है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी के. एन. बरनवाल ने बताया कि पत्र में यह भी कहा गया है कि उन व्यक्तियों की आरटीपीसीआर जांच पुनः न की जाए जो एंटीजन जांच या आरटीपीसीआर जांच में कोविड पॉजिटिव हो चुके हैं। अपर मुख्य सचिव ने 31 मई को इस संबंध में सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजा है । पत्र में यह जोर देकर कहा गया है कि जो कोविड पॉजिटिव मरीज होम आइसोलेशन के बाद स्वस्थ हो चुके हैं उनकी दोबारा कोविड जांच कराने की आवश्यकता नहीं है। लक्षणयुक्त व्यक्तियों को अन्तर्राज्यीय भ्रमण से रोकना है और उन्हें कोविड अनुरूप समुचित व्यवहार का पालन करवाना है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में एंटीजन जाँच के लिए बूथ बनाने को भी कहा गया है और ऐसे स्थानों पर सुनिश्चित करना है कि भीड़भाड़ न होने पाए। एंटीजन जांच में निगेटिव पाए जाने पर भी लक्षणयुक्त व्यक्तियों को औषधि के पैकेट देकर होम आइसोलेशन के लिए प्रेरित करना है। जांच के विवरण में टीकाकरण की स्थिति को अवश्य दर्ज किया जाना है और प्रत्येक एंटीजन जांच का विवरण पोर्टल पर भी अपडेट करने का दिशा-निर्देश है। इन लक्षणों पर देना है ध्यान- अपर मुख्य सचिव द्वारा भेजे गये पत्र के अनुसार अगर कोई व्यक्ति बुखार, खांसी, सिरदर्द, गले में खराश, सांस फूलने, स्वाद एवं गंध जाने, कमजोरी और डायरिया जैसे लक्षणों से ग्रसित है तो उसे कोविड-19 के रोगी जैसा ही समझना है जब तक की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव न आ जाए।

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