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योग है कोरोना बस्टर और करूणा बूस्टर-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष  स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने इंटरनेशनल योगाकॉन यूएसए-2021 के उद्घाटन सत्र में सहभाग कर एक माह तक चलने वाले आॅनलाइन योग उत्सव को सम्बोधित किया। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने इंटरनेशनल योगाकॉन यूएसए के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुये कहा कि योग न केवल शारीरिक आसनों का नाम है बल्कि योग शरीर का आत्मा से, आत्मा का परमात्मा और प्रकृति से भी संयोग योग कराता है। योग सिर्फ आसन तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह मनुष्य को आध्यात्मिक ऊँचाईयों तक पहुँचाता है।

स्वामी जी ने कहा कि गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है ‘‘योगः कर्मसु कौशलम् योग, हमारे हर कर्म में कुशलता लाता हैय जीवन को संतुलित और अनुशासित (बैलेन्सड् एवं डिसिप्लिण्ड) बनाता है। योग शरीर, मन और भावनाओं में संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने का एक श्रेष्ठ माध्यम है। योग हमें स्वयं को खोजने में मदद करता है। योग इम्युनिटी बूस्टर है, कम्युनिटी बूस्टर है और हृयुमैनिटी बूस्टर है। योग कोरोना बस्टर है और करूणा बूस्टर है इसलिये आओ हम सब योग करें, रोज करें और मौज करें। स्वामी जी ने कहा है कि वेद में कहा है – ‘माता भूमिः पुत्रोऽहम् पृथिव्याः।’धरती हमारी माता है। हम धरती की सन्तान हैं। पृथ्वी हमारी माता है तो हमारा पहला धर्म है कि हम उसकी देखभाल करें। आओ सब मिल पेड लगाओ, प्राण बचाओेेे। धरती बचेगी तो सन्तति बचेगी, संस्कृति बचेगी इसलिये आईये योग के साथ धरती योग भी करें। इंटरनेशनल योगाकॉन यूएसए 2021 सम्मेेलन का आयोजन अमेरिकन एकेडमी आॅफ योगा एंड मेडिटेशन,  अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन, फेडरेशन ऑफ इंडियन फिजिशियंस एसोसिएशन, विवेकानंद योगा यूनिवर्सिटी यूएसए के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इसका उद्देश्य है कि वर्तमान समय के इस चुनौतीपूर्ण समय में जनसमुदाय को स्वस्थ और सकारात्मक बनाये रखना ताकि लोगों को महामारी के कारण उत्पन्न तनाव से निपटने में मदद हो सके। यह कार्यक्रम ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को चिह्नित करते हुये एक महीने तक चलने वाला एक आभासी योग उत्सव है। जिनमें प्रति रविवार विशेष उद्बोधन श्रृंखला में आध्यात्मिक गुरु, विख्यात वैज्ञानिक, चिकित्सक, योग चिकित्सक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, सेलेब्रिटी, खिलाड़ी और कई योग विद्यालय शामिल हो रहे हैं तथा भारत, यूएसए, यूके, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इटली, जर्मनी, खाड़ी देशों और दक्षिण अमेरिका से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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