गोरखपुर

कम हुई संक्रमण की रफ्तार तो 39 दिन बाद खुल गए गोरखपुर के बाजार

गोरखपुर। कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमते ही बाजार एक बार फिर गुलजार हो गए। मंगलवार सुबह गोरखपुर भी कुल एक्टिव कोविड केस के न्यूनतम तय संख्या के साथ कदमताल करने लगा। दोपहर तक बंद पड़ी दुकानें एक-एक कर खुलने लगीं। 39 दिन बाद जिले में बिजनेस एक्सप्रेस पटरी पर दौड़ने लगी। कोरोना संक्रमण काल में इस बिजनेस एक्सप्रेस को दौड़ाने के लिए सीएम योगी के ट्रिपल टी मॉडल ने प्लेटफॉर्म का काम किया है जहां से उसे एक सुरक्षित ठहराव के बाद आगे बढ़ाया जा रहा है।

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण पर काबू पाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एकसाथ कई मोर्चों पर काम करना पड़ा। एक तरफ गांव गांव ट्रिपल टी (ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट) का दायरा विस्तारित किया गया तो दूसरी तरफ आंशिक कोरोना कर्फ्यू के रूप में बाजार पर कुछ पाबंदियां लगानी पड़ीं। दोनों के समन्वित परिणाम से कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने में कामयाबी मिली है। प्रदेश में कोरोना की रफ्तार पर लगाम लगी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलेवार बाजार खोलने की छूट देने का निर्णय किया। यह तय किया गया कि जिन जिलों में कुल एक्टिव कोविड केस 600 से कम होंगे उन्हें आंशिक कोरोना कर्फ्यू से मुक्त कर दिया जाएगा। चूंकि गोरखपुर में यह संख्या मंगलवार सुबह दायरे में आई, इसलिए इसे आज आंशिक कोरोना कर्फ्यू से निजात मिली है। देखा जाए तो गोरखपुर के बाजार 39 दिन बाद खुले हैं। पहले साप्ताहिक बंदी और बाद में सभी दिन कोरोना कर्फ्यू मिलाकर यहां के बाजार 30 अप्रैल से ही बंद थे। गोरखपुर में आंशिक कोरोना कर्फ्यू खत्म होने से आसपास के जिलों के साथ ही बिहार के सीमावर्ती जिलों को भी कारोबारी संजीवनी मिलेगी। गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार के सिवान, गोपालगंज, बेतिया, चम्पारण आदि की व्यापारिक आवश्यकताओं को पूरा करता है। यहीं से कई वस्तुओं की थोक आपूर्ति इन जगहों पर रिटेल कारोबार के लिए होती है। गोरखपुर-बस्ती मंडल के अन्य जिले पहले से आंशिक कोरोना कर्फ्यू से मुक्त थे लेकिन गोरखपुर जिले में पाबंदी रहने से इन जिलों के बाजार अपनी रफ्तार में नहीं आ रहे थे। मंगलवार को गोरखपुर के बाजार खुल गए हैं तो बुधवार से यहां अन्य जिलों के कारोबारी भी आने लगेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *