उन्नाव

पूर्व आईएएस अधिकारी उन्नाव पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाये

नवाबगंज-उन्नाव। गंगा में लाशे तैरने के मामले में ट्वीट करने पर दर्ज मुकदमे में पुलिस के सम्मन पर पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह सोहरामऊ थाने पहुंचे और जांच अधिकारी को अपने बयान दर्ज करवाए।

आज मंगलवार दोपहर में करीब 12.45 पर थाने पहुंचे पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह लगभग एक घंटे रुके और जांच अधिकारी के सामने अपने बयान दर्ज कराए हैं। जांच अधिकारी ने 4 प्रश्न पूछे। जिसके उत्तर में सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि मेरा ऐसा कोई उद्देश्य नही था मैं सिर्फ वास्तविकता दिखाने के लिए ट्वीट किया था। उस ट्वीट में कुछ गलत नही है। पूर्व आईएएस ने सोहरामऊ थाना में बयान दर्ज करवाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्नाव में मेरे विरुद्ध एक एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें बलिया के अंदर जो तैरते शव गंगा में थे जिनकी कोरोना से मौत हुई है, एसपी सिंह ने कहा की मैंने जो प्रकरण लिखा था वो बलिया के बारे में था। रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि मैंने एक अखबार की कटिंग और प्रतीकात्मक फोटो लगाई थी, जिसको उन्नाव पुलिस ने कहा कि ये तो हमारे उन्नाव का है 2014 का है, जबकि उसमें प्रतीकात्मक फोटो लिखा हुआ है। रिटायर्ड आईएएस ने सवाल उठाते हुए कहा कि मेरे कहने का मतलब मैंने ये भी निवेदन किया है, आईओ से कहा कि उनसे खबर चली अखबार में छपा उससे जनता में भय व्याप्त नहीं हुआ। तो मेरे एक ट्वीट से भय कहां से व्याप्त हो गया जनता में। रिटायर्ड आईएएस ने कहा कि मेरा दोष कहाँ से बनता है, मैंने कहा है मेरे प्रति न्याय कीजिये। रिटायर्ड आईएएस ने कहा कि दूसरी बात ये है कि ये कोई मुद्दा उन्नाव का नहीं है, ये मुद्दा सरकार का है, सूर्य प्रताप सिंह सरकार की नजरों में खलता है, उनके ट्वीटर को सैंकड़ों, लाखों लोग देखते हैं, जब मैं लिखता हूँ कोई ऐसी चीज लिखता हूँ उनको लगता है वो चीज सरकार के विरुद्ध है उनकी छवि खराब होती है, इसीलिए एक साल में मेरे विरुद्ध 6 मुकदमे दर्ज किए। उन्होंने बताया कि 2 लखनऊ में, 1 उन्नाव में, 1 कानपुर में, 1 बनारस, 1 कासगंज में दर्ज हैं, जिसमें 6 में 4 मुकदमे कोविड काल के हैं। वहीं पूर्व आईएएस एसपी सिंह ने कहा कि कोविड काल में आप जानते हैं ट्वीटर पर लिखता है समस्याएं लिखता है, उन्होंने बताया की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है की वो अवमानना मानी जाएगी, अगर कोई एफआईआर दर्ज होती है, ये उन्नाव का जो केस है इसमें भी मुकदमा में मेरे विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। वहीं रिटायर्ड आईएएस ने कहा की यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा। ये उनका दुस्साहस होगा की ये मेरे विरुद्ध कार्रवाई करें। पूर्व आईएएस ने कहा मैंने लिखकर दिया है अपने बयान में इनको और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का रिफरेंस दिया है।

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