August 10, 2022

सावन के प्रथम सोमवार बाबा धाम हुआ केसरिया

वाराणसी। काशी के विश्वनाथ मंदिर एवं सभी दीवालय बम बोल के नारों से गुंजायमान हो उठा और काशी केसरिया रंग में शराबोर हो उठी हिन्दू धर्म में श्रावण मास का बहुत ही महत्व है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार सावन चार सप्ताह का होता है। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो जो भक्त सावन के पावन महीने में भगवान भोलेनाथ की विधि विधान से पूजा करते हैं, भगवान उनकी सारी मनोकामना पूर्ण करते हैं। सावन महीने के सोमवार को पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करके अगर व्रत रखा जाए तो भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इस बार श्रावण का पवित्र महीना 14 जुलाई से आरंभ हो गया है जो 12 अगस्त तक चलेगा। इस बार सावन में कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं। सावन के सोमवार कुंवारी लड़कियां के लिए काफी खास माने जाते हैं। कहते है कि सावन में भगवान शिव की उपासना करने से लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है श्रावण मास में भगवान शिव की प्रेमपूर्वक भाव से अगर पूजा की जाए तो वो आपकी मनोकामना जरूर पूरी करते हैं। सावन के महीने में भगवान शिव को धतूरा, बेल पत्र, भांग के पत्ते या भांग, दूध, काले तिल, गुड़ आदि चढ़ाना शुभ माना जाता है श्रावण मास में भगवान शिव की पूरे विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। पूजा विधि- भगवान शिव को स्वच्छता अति प्रिय है, इसलिए साफ सफाई का खास ध्यान रखें।
सुबह सबसे पहले जल्दी उठकर स्नान कर लें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
घर में बने पूजा स्थान को साफ करें। भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करने के बाद भगवान शिव का जल से अभिषेक करें अगर आप घर में पूजा कर रहे हैं या मंदिर जा रहे हैं तो शिवलिंग पर गंगाजल और दूध अवश्य चढ़ाएं। इसके बाद शिवलिंग पर फूल चढ़ाएं, बेलपत्र चढ़ाएं और चंदन लगाकर उनकी आरती करें काशी में बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर मे कावरीयो की लंबी लाइन देखने को मिली सभी देवालयों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम देखने को मिला शहर में कई स्थानो पर भक्तों व कांवरियों पर पुष्प की वर्षा भी की गई शहर में कई स्थानो पर भक्तों के लिए फलाहार जलपान संस्थान द्वारा लगाए गए थे पुलिस भी भक्तों के लिए सेवा भाव से लगी रही शहर में अधिकारियों का भी चक्रमण होता रहा।