October 8, 2022

बीडीओ और ईओ रोजाना गौ संरक्षित करने की जानकारी दे – डीएम

बांदा। जिलाधिकारी अनुराग पटेल की अध्यक्षता में गौ संरक्षण एवं संर्वधन के सम्बन्ध में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई,। बैठक में मार्गों एवं खेतों आदि में विचरण कर रहे निराश्रित अन्ना गौवंशों को निकटतम गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित किये जाने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारी व सहायक विकास अधिकारी तथा नगरीय क्षेत्रों में अधिशाषी अधिकारी व उप जिलाधिकारी को निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी द्वारा संरक्षित गौवंश की शत प्रतिशत टैगिंग व बधियाकरण के साथ-साथ गौवंश की चिकित्सा आदि किये जाने हेतु मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशीत किया। जिलाधिकारी ने कहा कि संरक्षित गौवंश हेतु स्वच्छ पेयजल, छाया, प्रकाश एवं साफ-सफाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा नगरीय क्षेत्र में उप जिलाधिकारी, अधिशाषी अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी गौवंश आश्रय स्थलों में भूसा,पानी,प्रकाश,छाया आदि का सत्यापन करने हेतु जिलाधिकारी द्वारा निर्देश प्रदान किये गये। उन्होंने सचेत किया कि गौ आश्रय स्थलों में किसी भी प्रकार अव्यवस्था पाये जाने पर सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी अवगत करायेंगे। जिलाधिकारी द्वारा बैठक की समीक्षा करते हुए पाया गया कि 28 अगस्त, 2022 तक ग्रामीण क्षेत्र में 32,244 गौवंश तथा नगरीय क्षेत्रों में 1,008 गौवंश कुल 33,252 गौवंश पशु आश्रय स्थलो में संरक्षित है। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त खण्ड विकास अधिकारियों एवं अधिशाषी अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रतिदिन कितने गौवंश, गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित किये गये हैं की जानकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को उपलब्ध करायेंगे तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी प्रतिदिन संरक्षित किये गये गौ संरक्षण की संकलित प्रगति को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्या, अपर जिलाधिकारी (वि0ध्रा0) उमाकान्त त्रिपाठी, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, समस्त पशु चिकित्साधिकारी के साथ जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बाँदा उपस्थित रहे।