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15 अक्टूबर से पहले सभी अन्ना गौवंश को गौशालाओं में करें संरक्षित-डीएम

हमीरपुर। जनपद के अस्थाई गौ आश्रय स्थलों के प्रबंधन,संचालन एवं भरण पोषण के संबंध में एक आवश्यक बैठक जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में संपन्न हुई। जिसमें अन्ना गौवंश के लिए ग्राम पंचायतों में चारागाह का विकास ना करने पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारियों व पशु चिकित्सा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि 15 अक्टूबर से पूर्व शत प्रतिशत अन्ना गौवंश का गौशालाओं में संरक्षण हो जाना चाहिए। 15 अक्टूबर के बाद कोई भी अन्ना गोवंश सड़क पर दिखाई देने पर संबंधित खंड विकास अधिकारी, नगरीय क्षेत्र में ईओ, पशु चिकित्सा अधिकारी, ग्राम सचिव एवं अन्य संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि अस्थाई गौ आश्रय स्थलों के प्रबंधन हेतु जो धनराशि दी गई है। उसका उपभोग कर उपभोग सर्टिफिकेट शीघ्र दे दिया जाए ताकि भरण पोषण हेतु आगे के लिए धनराशि स्वीकृत की जा सके। कहा कि अन्ना गोवंशों का संरक्षण शासन की प्राथमिकता में शामिल है। अतः इसमें कोई लापरवाही न बरती जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सहभागिता योजना के अंतर्गत अन्ना गौवंश को गोद में लेने हेतु लोगों को प्रोत्साहित किया जाय।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषित परिवारों को सहभागिता योजना के अंतर्गत दुधारू गाय उपलब्ध कराया जाएं। गौशालाओं में सभी कार्यों का समुचित अभिलेखीकरण कर उसे संरक्षित रखा जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि कहीं भी पराली जलाने की घटना नहीं होनी चाहिए इसके लिए धान की फसल वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन कर वहां के लोगों को जागरूक किया जाए। कृषकों की अतिरिक्त पराली को उनसे लेकर गौशाला में रखा जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खलिहान ,तालाब, चकरोड, रास्ता ,नाला आदि पर किसी भी दशा में कब्जा नहीं होना चाहिए, इसको सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार वैश्य ,ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर संजय कुमार मीणा ,अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त एसडीएम ,बीडीओ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा अन्य संबंधित मौजूद रहे।

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