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विमुक्त घुमंतू जनजाति विकास परिषद के प्रदेश कार्यालय में झंडा रोहण हुआ

कानपुर। आज देवकी पैलेस देवकी नगर कानपुर में विमुक्त घुमंतू जनजाति विकास परिषद के प्रदेश कार्यालय मे झंडा रोहण प्रदेश अध्यक्ष रमेशचंद लोधी बी. के. लोधी कैलाशनाथ निषाद, मो. सद्दीक अख्वी ने किया। कैलाश निषाद ने कहा की 31 अगस्त 2021ईसवी से 69वर्ष पूर्व यानी 31 अगस्त 1952 को इस देश मे रह रहे घुमंतू जातियों को आजाद भारत के लगभग 5 वर्ष बाद आजाद भारत की सरकार ने पूर्ण आजादी दिया जिसके कारण देश की लगभग 16करोड़ जनसंख्या आजाद हुई इन जातियों का दोष केवल इतना था कि इन जातियों ने 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जिसके कारण अंग्रेजों के दांत खट्टे हो गए।
जिससे घबड़ाकर अंग्रेजों ने इन देश मे 666 घुमंतू जातियों के ऊपर क्रिमिनल एक्ट ,फेरिस्ट एक्ट ,फॉरेक्स एक्ट आदि कानून बनाकर इन जातियों को सारे मौलिक अधिकारों से बंचित कर दिया गया और इनको देश के विभिन्न स्थानों पर अलग अलग बाड़ा बनाकर अंग्रेजों केद्वारा पहरे के अंदर रखा गया यानी अंग्रेज इन घुमंतू जातियों से भयभीत होकर इनके साथ दोयम तरह का ब्यवहार करने लगी। जब भारत वर्ष 15 अगस्त 1947 को आजाद होने के 5वर्ष बाद यानी जब देश 26 जनवरी 1950को भारत पूर्ण गणराज्य होने के2वर्ष 7माह 5 दिन बाद यानी 31अगस्त 1952 ईस्वी को आजाद भारत सरकार के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के नेतृत्व में देश के गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी इन घुमंतू जातियों को आजाद किया गया ,कहने का मतलब इन पर लगे तमाम तरह के क्रिमिनल एक्टओ को समाप्त कर एक सामान्य नागरिक की भांति जीने का अधिकार प्राप्त हुआ।इस दिवस को प्रत्येक वर्ष ष्विमुक्ति दिवसष् के नाम से 31 अगस्त को बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाना चाहिये मैं आज इस विमुक्ति दिवस के अवसर पर भारत सरकार से मांग करता हूँ कि इस दिवस को भी 15 अगस्त की भांति स्वतन्त्रता दिवस के रूप में मनाए।

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