October 8, 2022

पैलानी तहसील क्षेत्र में 46 गांवों में बाढ़ से फसल खराब, तबाही मचाई

बांदा। जिले में पिछले हफ्ते केन और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने जिले में बाढ़ ने काफी तबाही मचाई है । इससे खेतों में खड़ी फसलों और कच्चे घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। केन और यमुना किनारे बसे लगभग 46 गांवों में फसलें गलने की स्थिति में पहुंच गईं। प्रारंभिक दौर में अधिकारी इन गांवों में 75 प्रतिशत तक नुकसान की स्थिति बता रहे हैं। कुछ गांवों में ज्यादा बारिश से कच्चे घर गिर चुके हैं।हालांकि अब तेज धूप निकलने से खेतों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है। पैलानी तहसील के कई गांवों और शहरी क्षेत्र की बस्तियों में घरों तक पानी पहुंचने से गृहस्थी का सामान खराब हो गया। जलभराव से अरहर, ज्वार और तिल की फसलें लगभग खराब हो चुकीं हैं। किसानों का कहना है कि करीब 4000 से अधिक बीघे में बुआई की थी। इसमें करीब 3600 बीघे फसल खराब हो गई है। किसानों का कहना है कि यदि एक दो दिन में पानी और कम नहीं हुआ तो बची फसल भी बर्बाद हो जाएगी। एसडीएम पैलानी ने राजस्व टीम लगाकर नुकसान का आंकलन करना शुरू कर दिया है। फसलों के सटीक आकलन के लिए तहसील से लिस्ट मिलते ही कृषि विभाग एक-दो दिन में नुकसान का सर्वे शुरू कर देगा। नदियों में पानी कम होने से किसान और ग्रामीण सहित बाढ़ पीड़ित लोग खासे दुविधा में हैं, क्योंकि कई गरीब परिवारों की गृहस्थी उजड़ी तो किसान की मेहनत पर भी पानी फिर गया।

जिला प्रशासन ने इन हालातों से निपटने के लिए तात्कालिक तौर पर राहत और बचाव कार्य किए। मगर अब लोगों को आर्थिक नुकसान और उसकी भरपाई की चिंता सता रही है। गरीबों को घर-गृहस्थी का सामान दोबारा जुटाना मुश्किल होगा। प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित किसान और ग्रामीणों का सर्वे करने के बाद सूची ग्राम पंचायतों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों से दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। फिर मकान क्षति, फसल नुकसान सहित अन्य क्षति के पीड़ितों को राहत राशि वितरित की जाएगी। राजस्व विभाग के अधिकारी चार-पांच दिनों में सर्वे कार्य पूरा होने की संभावना जता रहे हैं। बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए सर्वे दल गांवों में पहुंचने लगा है। पिछले तीन दिन से सर्वे टीम लगातार इस कार्य में जुटी हैं। पानी कम होते ही एक-दो दिन में सर्वे कार्य पूरा होने की बात कही जा रही है। एसडीएम लाल सिंह यादव ने बताया कि गांव में नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व टीम को लगा दिया गया है। अभी कई जगहों पर पानी भरा हुुआ है। जैसे-जैसे पानी कम हो रहा है, हमारी टीम उन गांवों का सर्वे पूरा करने में जुटी है।