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राष्ट्रपति ने वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद भूषण शरण के तैल चित्र का अनावरण किया

प्रयागराज। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय, मल्टीलेवल पार्किंग और एडवोकेट चैम्बर का शिलान्यास किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू,राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। इलाहाबाद हाईकोर्ट में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कार्यक्रम के लिए आकर्षक मंच तैयार किया गया। मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू, सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति विनीत सरन, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और इलाहाबाद हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी आदि मौजूद रहे हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में राष्ट्रपति का अपने उद्बबोधन में कहाकि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्याल और अधिवक्ता चैंबर का शिलान्यास करके काफी प्रसन्नता हुई। न्यायाधीशों की संख्या की दृष्टि से इलाहाबाद हाईकोर्ट सबसे बड़ा कोर्ट है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की परंपरा, मदन मोहन, मोतीलाल, कैलाशनाथ काटजू आदि ने इसी परिसर से भारत इतिहास के गौरवशाली इतिहास लिखे। उच्चतम न्यायालय में 33 में चार महिलाएं जो सबसे अधिक है। महिलाओं में न्याय प्रकृति अधिक होता है। उनमें सबको न्याय देने में क्षमता होती है। न्यायपूर्ण समाज की स्थापना तभी संभव होगी जब महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। आज 12 प्रतिशत से भी महिला जजों की कम है। महिलाओं की संख्या को बढ़ाना होगा। इस हाईकोर्ट में महिलाओं की संख्या अधिवक्ता, अधिकारी और न्यायाधीश के रूप में बढ़ेगी ऐसी अपेक्षा है।सामान्यता लोग न्यायपालिका से मदद लेने से हिचकिताते हैं। सभी को न्याय मिले। सभी को समझ में आने वाली भाषा में निर्णय हो। महिलाओं और दबे कुचले लोगों को न्याय मिले। सभी नागरिकों का मूलभूत अधिका है कि न्याय उनकी पकड़ में हो। विश्व की श्रेष्ठतम पद्धतियों का अनुसरण इस विश्वविद्यालय में किया जाना चाहिए। आज ही के दिन 128 वर्ष पहले शिकागो में स्वामी विवेकानंद ने भारत के गौरवशाली परंपरा का गुणगान किया था। स्वामी जी ने हर प्रकार के उत्पीड़न का विरोध किया था। उन्होने सहिष्णुता का संदेश पूरी मानवता तक पहुंचाया था। 11 सितंबर को जो कीर्तिमान स्वामी जी ने स्थापित किया था, उसका अनुसरण युवा करेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट मे राज्घ्यपाल आनंदी बेन का उद्धबोधन-प्रयागराज में हाई कोर्ट का भवन का शिलान्घ्यास बेहतर कदम है। इससे आम जन को न्घ्याय प्राप्घ्त करने में देरी नहीं होगी। यह भवन आधुनिक तकनीक सुविधा से युक्घ्त होगा। न्घ्यायविद, अधिवक्घ्ता, कर्मचारी व वादकारी सभी को इससे सुविधा प्राप्घ्त होगी। प्राचीन भवन के आज बदलती आबादी को देखते हुए नए भवन की आवश्घ्यकता थी, जिसका आज सपना पूरा हो रहा है। जल्घ्द से जल्घ्द भवन निर्माण की प्रक्रिया पूरी हो और सभी को इसका लाभ मिल सके। इलाहाबाद हाईकोर्ट मे उत्घ्तर प्रदेश के मुख्घ्यमंत्री ने बताया कि प्रयागराज में उन परियोजनाओं का शिलान्घ्यास हुआ है जिसकी वर्षों से तमन्घ्ना प्रयागराज व उप्र के लोगों को थी। कहा कि उच्घ्च न्घ्यायलय पार्किंग व विधि विश्घ्वविद्यालय की वर्षों से मांग थी। पीएम के मार्गदर्शन में उप्र सरकार लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रयास कर रही है। आम व्घ्यक्ति को न्घ्याय उपलब्घ्ध हो सके। कहा कि न्घ्यायमूति आवास के लिए 611 आवास स्घ्वीकृत थे 247 बन चुके हैं। 364 निर्माणाधीन हैं। सीएम बोले कि आज डिजिटल युग है। आम लोगों को न्घ्याय उपलब्घ्ध कराने को हम सब ने डिजिटल हियरिंग के माध्घ्यम से मसहूस किया है। प्रयागराज का उच्घ्च न्घ्यायालय एशिया का सबसे बड़ा उच्घ्च न्घ्नयायालय है 24 करोड उप्र की जनता न्घ्याय प्राप्घ्त करने यहां आती है। यहां जाम की समस्घ्या का सामना करना पड़ता था। कुंभ के समय न्घ्यायालय के द्वारा भरपूर सहयोग मिला था। कुंभ के अवसर पर सफलता मिली थी। उच्घ्च न्घ्यायालय के पास जाम की समस्घ्या। मल्घ्टीलेवल पार्किग सुविधा, वकीलों के चेंबर बनेंगे। इसकी वर्षों से मांग थी आज पूरा कर दिया गया। वर्षों से विधि विश्घ्वविद्यालय की मांग थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट मे भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना अपने उद्धबोधन में कहाकि हाईकोर्ट के एतिहासिक फैसलों के जिक्र से अपने संबोधन की शुरुआत की। सीजेआई ने कहा लंबित मुकदमे चिंताजनक हैं। बार और बेंच दोनों मिलकर कार्य करें।

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