August 10, 2022

विद्या भारती स्वयंसेवी संगठन के रूप में पूरे विश्व में प्रथम स्थान पर है- डॉ राम मनोहर

प्रयागराज। रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज राजापुर, प्रयागराज के संगीताचार्य एवं मीडिया प्रभारी मनोज गुप्ता की सूचनानुसार विद्या भारती से संबद्ध भारतीय शिक्षा समिति पूर्वी उत्तर प्रदेश ,काशी प्रांत द्वारा सरस्वती शिशुध्विद्या मंदिर राजरूपपुर में माधव संकुल के आचार्यों एवं आचार्या बहनों का ष् राष्ट्रीय शिक्षा नीति ष् विषय पर चल रहे दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि विद्या भारती के प्रांतीय संगठन मंत्री, काशी प्रांत डॉ राम मनोहर ने ष् विद्या भारती का परिचय एवं विकास यात्रा तथा इसका लक्ष्य ष् इस विषय पर गहन प्रकाश डालते हुए बताया कि इस समय देश भर में विद्या भारती के 25000 विद्यालय चल रहे हैं जिसमें डेढ़ लाख आचार्य एवं आचार्या अध्यापन तथा 40 लाख से ज्यादा छात्र एवं छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं उन्होंने बताया कि 10 लाख से ज्यादा हमारे पूर्व छात्र पोर्टल पर रजिस्टर्ड हो चुके हैं जो जो कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया जा चुका है तथा विद्या भारती पूरे विश्व में स्वयंसेवी संगठन के रूप में प्रथम स्थान पर है।
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में माधव संकुल के प्रमुख डॉक्टर विंध्यवासिनी प्रसाद त्रिपाठी ने ष्शैक्षिक उन्नयनष् इस विषय पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा के उन्नयन के लिए ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अभ्युदय हुआ है इसके पहले बहुत सारे आयोग आए, बहुत सी शिक्षा नीतियां आई लेकिन कारगर सिद्ध नहीं हुई। प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र में रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन, इंटर कॉलेज राजापुर, प्रयागराज के प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडे ने 21वीं सदी का कौशलष् इस विषय पर विस्तार से बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लाखों लोगों के मन की उपज है जिसे समाज में लाने के लिए हम दृढ़ प्रतिज्ञ हैं। हम सीखेंगे और सिखाएंगे भी हम केवल सिखाने के लिए नहीं है सीखने के लिए भी हैं। उन्होंने बताया कि मन ,बुद्धि और चित तक की यात्रा का कौशल विकसित करना है, हमारा ज्ञान केवल किताबी ज्ञान तक सीमित होकर रह गया है हमें वैश्विक बनना पड़ेगा।
प्रशिक्षण के तृतीय सत्र में प्रधानाचार्य शिशुध् विद्या मंदिर राजरूपपुर वागीश मिश्रा ने 360 डिग्री एसेसमेंटष् इस विषय पर तार्किक पूर्ण ढंग से गहन व्याख्या की स प्रशिक्षण के चैथे सत्र में मंत्री भारतीय शिक्षा समिति पूर्वी उत्तर प्रदेश डॉक्टर रघुराज सिंह ने ष्सर्वांगीण विकासष्° इस विषय पर बताते हुए कहा कि हमारे आचार्यों की स्मरण शक्ति मजबूत हो इस हेतु बार-बार कार्यशालाओं का आयोजन समय-समय पर किया जाता है हम जो कार्य करें उसका परिणाम दिखाई देना चाहिए हमें मेधावी बच्चों का चयन करना चाहिए क्योंकि मेधावी छात्र ज्ञान पिपासु होते हैं उन्हें पाट्ठेयत्तर पुस्तकों का अध्ययन कराना होगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय की छात्राओं हर्षिता, रिया, प्राची, गीतांजलि, सोनिया, रेनू आदि ने सुमधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। श्वेतांबरा ने ष् दसों दिशाओं में जाएं दल बादल सा छा जाए गीत की प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर क्षेत्रीय शिशु वाटिका प्रमुख विजय उपाध्याय, ज्वाला देवी गंगापुरी के प्रधानाचार्य जुगल किशोर, शिशु निकेतन कटघर के कमलेश मिश्र, सिरसा के स्वामीनाथ, मेजा रोड के कमलेश पांडे सहित सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य की उपस्थिति प्रमुख रही।